स्टेम सेल से होगा बुड़ापे का इलाज

 वैज्ञानिको ने  उम्रदराज लोगो की कोसिकाओ को स्टेम सेल में बदलने में भी सफलता प्राप्त की है | मोंटेपेलियोर युनिवेर्सिटी  के वैज्ञानिकों ने कहा है की , वह जल्दी ही  इन  कोसिकायो से  उम्रदराज मरीजो का इलाज इस विधि से कर सकते है | प्रमुख शोधकर्ता  ज्यां -मार्क लेमाएत्रे ने बताया , यह कोशिकाओं के कायाकल्प के छेत्र में एक नयी मिशाल है | कोसिकाओ के पुनर्गठन के रास्ते  में उनकी उम्र कोई रुकावट नहीं पैदा  करती है | स्टेम सेल से शरीर के किसी भी भाग के उतकों में तब्दील किया जा  सकता है |
 साभार : हिंदुस्तान हिंदी दैनिक 

भविष्य में संकर जीवों का आस्तित्व होगा

प्राचीन धार्मिक ग्रंथो में ऐसे जीवों का वर्णन मिलता है, जैसे नरसिंह, असलान, कामधेनु ,यानी सदियों पहले इस तरह के अस्तित्व की कल्पना रही है इसी कल्पना को साकार करने के लिए वैज्ञानिक दशको से प्रयास कर रहे है| इस दिशा में पहली सफलता २००३ में मिली थी चीन के शंघाई स्थित सेकेण्ड मेडिकल युनिवर्सिटी में सफलता पूर्वक खरगोश के अन्डो में मानव कोशिका प्रत्यारोपित कर दी थी उन्होंने इस अन्डो को स्टेम सेल पाने के लिए इस्तेमाल किया| इससे संकर जीवों के अस्तित्व का सपना साकार होते दिखा पूरी दुनिया में इस समय १० संकर जीव बनाने के प्रयास किये जा रहे है २००४ में चीनी वैज्ञानिको ने दावा किया की की उन्होंने ऐसा सूअर बनाया है जिसकी रगो में इंसान का खून बहता है | युनिवर्सिटी ऑफ़ नेवादा रेनो के वैज्ञानिकों ने दावा किया की उन्होंने ऐसी भेंड बना ली है जिसमे २० फीसदी कोशिकाए मानव की है ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने मानव और गाय से भ्रूण बनाने का दावा किया है ऐसे ही कुछ वैज्ञानिक चूहे में ऐसे लीवर का प्रत्यारोपण किया जो ९५ फीसदी मानव कोसिकाओ से बना था इसी तरह स्टैनफोर्ड युनिवर्सिटी के इरविन वाएयास मेन की टीम ने मानव मस्तिस्क की स्टेम कोसिकायो को चूहे के दिमाग में डाला शुरू शुरू में दिमाग में १ फीसदी मानव कोसिकायो ने कब्ज़ा जमाया २०१० में इस टीम ने दावा किया की उन्होंने चूहे की खाल की कोसिकायो को पुरी तरह न्यूरांस में बदल दिया न्यूरांस ही मस्तिस्क से संदेशो को अंगो तक पहुंचाता है | इस प्रकार अब वह दिन दूर नहीं है जब हमें संकर जीव देखने को मिलेंगे |

कैसे हुआ ब्रह्माण्ड का निर्माण



photo : vigyanpragti

वैज्ञानिक स्टीफन हाकिंग्स का कहना है की ब्रह्माण्ड की संग्रचना के पीछे भौतिक के नियम है न कि कोई ईश्वरीय सरीखी कोई सर्व सक्ति इस पर विभिन्य वैज्ञानिकों धर्मगुरूओं या स्वयं ब्यक्ति कि भिन्य राय हो सकती है परन्तु इस सदी के महान इस वैज्ञानिक कि राय को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता यह बयान उनकी जल्दी ही प्रकाशित होने वाली पुस्तक ' द ग्रैंड डिजाईनर के आगमन से पहले आये है ब्रमांड का निर्माण बिग बैंक यानी महा विस्फोट से हुआ है इस अवधारणा के मुताबिक बिग बैंक १३.७ अरब साल पहले हुआ १९८८ में अपनी पुस्तक ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ़ टाइम में इन्होने ईश्वर को स्वीकार किया था ये लिखे थे कि यदि हम प्रकृति के बुनियादी नियमो को तलाश लेते है तो हमें ईश्वर के मस्तिष्क का पता चल सकता है ब्रमांड के निर्माण में जो सिधांत सबसे ज्यादा प्रचलित है वो है बिग बैंक का सिधांत इसके अनुसार १३.७ अरब साल पहले ब्रमांड एक छोटे बिंदु के रूप में था इसमे अचानक महा विस्फोट हुआ और ब्रमांड कि उत्पत्ति हुई तो द्रब्य और ऊर्जा का फैलाव हुआ द्रब्य और ऊर्जा के साथ- साथ स्पेश और टाइम का विस्तार आरम्भ हुआ महाविश्फोट के बाद शुरूआती छड़ो में ब्रमांड का तापमान बहूत ऊँचा था उस समय में गुरूत्वाकर्षण बल बिधुत चुम्बकीय बल , प्रबल बल , और कमजोर बल जिनसे ब्रमांड के सभी पिंड आपस में बधे रहते है उस समय एक थे ब्रमांड के उत्पत्ति के तीन मिनट बाद ही तापमान इतना घट गया कि प्रबल बल सक्रिय हो गया इस बल ने प्रोटानों और नयूट्रानो को बाँध कर नाभिको का निर्माण कर दिया इसके लगभग ५ लाख वर्ष बाद विधुत चुम्बकीय बल सक्रिय हुआ और इसने नाभिको और इलेक्ट्रानो को बाँध कर परमाणु का निर्माण कर दिया इसके बाद जब तारे ग्रह उपग्रह व दूसरे अकासीय पिंड आस्तित्व में आये तो गुरूत्वाकर्षणबल सक्रिय हो गया अब वैज्ञानिक प्रयोगों में इन्हें आपस में जोड़ने का प्रयास कर रहे है इस सिधांत को सिध्य करने के लिए बनाये गए लार्ज हैद्रान कोलाएजर का प्रयोग सफ़ल रहा है परमाणुओं को तोड़ने कि छमता रखने वाली इस मशीन ने दो प्रोटान परमाणु कि तरंगो को तीन गुना तेजी से आपस में टकराने में सफलता अर्जित कि है इससे आज से १३.७ अरब साल पहले का वह वातावरण तैयार हो गया जब पूरा ब्रह्माण्ड बना था अभी प्रयोग चल रहे है हो सकता है आने वाले समय में कुछ चौकाने वाले तथ्य प्राप्त हो जीवन एवम प्रकृति कि लडाई आगे आगे तक चलेगी हमें जीवन को बचा के रखना है

CELL AS A BASIC UNIT OF LIFE