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January, 2014 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

नासा ने ली हैंड ऑफ गॉड की तस्वीर

यूएस स्पेस एजेंसी नासा के न्युक्लियर स्पेक्ट्रोस्कोफिक टेलिस्कोप एरे ने पल्सर विंड नेबुला जिसे हैंड ऑफ गॉड के नाम से भी जाना जाता है की नई तस्वीर ली है. टेलिस्कोप से ली गई इस तस्वीर में नेबुला को दिखाया गया है जो कि 17,888 लाइट-ईयर्स दूर है. इसे एक मृत स्पिनिंग स्टार ने रोशनी दी है जिसका नाम है पीएसआर 1509-58 इस पल्सर की कुल लम्बाई19 किलोमीटर है लेकिन यह हर एक सैकंड में सात बार घूमता है. जैसे ही यह स्पिन होता है यह उन कणों को फैंकता है जो स्टार की मृत्यु के दौरान उछले थे. यह कण मैगनेटिक फील्ड से जाकर मिलते हैं जिससे एक्स-रे में ग्लो आ जाता है. नासा के लिए इस ऑबजेक्ट को घेरे हुए सबसे बड़ी रहस्यमय बात यह है क्या यह पल्सर के कण चीजों के साथ मिलने के बाद ऎसे दिखाई देता है या फिर यह वास्तव में हाथ का आकार ही है. नूसटार ने पहली बार इस चित्र को हाई एनेर्जी एक्स रे में खींचा है जो कि नीले रंग में दिखाई दे रहा है. नासा के चंद्रा एक्स-रे ऑब्जरवेट्री द्वारा पहले ली गई इमेज लोअर एनर्जी एक्स र-रे में ली गई है जो कि हरे और लाल रंग में दिखाई गई है.sabhar :http://www.palpalindia.com/

नौकरियां छीन लेंगे क्या रोबोट

अगर आपको डर लगता है कि रोबोटों का वक़्त आने वाला है तो डरने की ज़रूरत नहीं. वो पहले से ही हमारे बीच मौजूद हैं.

आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के प्रतिनिधि पहले ही हमारी ज़िंदगी के हर पहलू में शामिल हैं- वह हमारे इनबॉक्स को स्पैम मुक्त रखते हैं, वह इंटरनेट के प्रयोग में मदद करते हैं, वह हमारे हवाई जहाज़ चलाते हैं और अगर गूगल को सफ़लता मिली तो जल्द ही वे हमारे लिए हमारी गाड़ियां भी चलाएंगे. सिलिकॉन वैली के सिंगुलैरिटी विश्वविद्यालय में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के प्रमुख, नील जैकबस्टीन ने बीबीसी से कहा, "आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बसी हुई है." वे कहते हैं, "इसका इस्तेमाल दवाइयों, कानून, डिज़ाइन बनाने में और पूरी तरह स्वचालित उद्योग में होता है." और हर दिन अल्गोरिद्म पहले से ज़्यादा चतुर होती जा रही है. इसका मतलब यह है कि आधुनिक दुनिया की सबसे बड़ी चाहत- ऐसी मशीन की खोज, जो इंसानों जितनी ही बुद्धिमान हो- पूरा होने के बेहद करीब हो सकती है. जैकबस्टीन का अनुमान है कि आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस 2020 के दशक के मध्य तक इंसानी बुद्धिमत्त…