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गूगल चश्में से करें फेसबुक स्टेटस अपडेट

अब आपके हर प्रश्‍न का जवाब गूगल के साथ साथ गूगल चश्‍मा पर भी उपलब्‍ध होगा। आपकी हर कल्पना को अब गूगल चश्मा पूरी करेगा। आप इस गूगल चश्में को पहनकर किसी ऎतिहासिक बिल्डिंग को देखने पर उस बिल्डिंग का इतिहास आपके चश्में के लेंस पर डिस्प्ले हो जाएगा।

चश्मे से ही फोटो खींचना, चैटिंग करना, गूगल मैप यूज करना भी संभव हो सकेगा। यही नहीं आप इस गूगल चश्में से अपना फेसबुक स्टेटस भी अपडेट कर सकते हैं साथ ही आप वॉयस कमांड से रिप्लाई भी कर सकेंगे।

गूगल जल्द ही ऑगमेंटेड रियलिटी तकनीक से लैस एक चश्मा लाने वाला है। इस चश्मे को प्रोजेक्ट ग्लास नाम दिया है। sabhar : bhaskar.com

शुक्र पर ओजोन की परत, जीवन का संकेत

सौर मंडल के दूसरे ग्रह शुक्र के वायुमंडल में ओजोन की परत का मिलना वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ी कुंजी है. दूसरे ग्रहों को समझने के लिए भी सहायता मिलेगी. वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि जीवन के संकेत इस ग्रह पर मिल सकते हैं वैज्ञानिक शुक्र ग्रह को कठोर और उथल पुथल वाला ग्रह बताते हैं और इसे नर्क की संज्ञा देते हैं. ऐसे में इस ग्रह पर ओजोन परत के अचानक मिलने से वैज्ञानिक आश्चर्य में हैं गुरुवार को यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ईएसए) ने कहा कि वीनस एक्सप्रेस अंतरिक्ष यान ने पाया है कि सूर्य के नजदीकी ग्रह पर वायुमंडल है. वैज्ञानिकों का कहना है कि ओजोन की परत का मिलना यहां जीवन के होने का संकेत भी साबित हो सकता है. हालांकि शुक्र पर मिली ओजोन की परत बहुत ही विरल है, इसलिए ऐसा नहीं कहा जा सकता है कि यह जीवन के कारण है. लेकिन धरती के वायुमंडल में मिलने वाली ओजोन परत से तुलना कर यह जरूर पता लगाया जा सकता है कि क्या कहीं और जीवन संभव है. वीनस एक्सप्रेस अंतरिक्ष यान से मिली सूचनाओं का विश्लेषण करने के बाद ईएसए के वैज्ञानिकों ने यह जानकारी दी है. डॉयचे वेले से बातचीत में ईएसए के शोधकर्ता फ्रांक मोंटमेसिन ने बताया…

ग्रहों को निगल रहा है ब्लैक होल धनु-ए

धरती से 26,000 प्रकाश वर्ष दूर एक विशाल ब्लैक होल एक एक कर ग्रहों, तारों और पिंडो को निगल रहा है. ब्लैक होल हमारी आकाश गंगा के केंद्र में है. वैज्ञानिकों के मुताबिक ब्लैक होल सूर्य से चार लाख गुना बड़ा है ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लिसेस्टर के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि यह ब्लैक होल हर दिन ब्रह्मांड में तैरती चीजों को निगलता जा रहा है. ब्लैक होल को सैजिटेरियस-A (धनु-ए) नाम दिया गया है. डॉक्टर कास्टीटिस जुबोवास के मुताबिक धनु-ए अपने सामने आने वाले गैस और धूल से बने क्षुद्र ग्रहों को तोड़ कर निगल रहा है. इस दौरान एक्स-रे किरणें और इंफ्रारेड विकीरण भी दिखाई पड़ रहा है. डॉक्टर जुबोवास और उनके साथियों कहते हैं कि ब्लैक होल आकार में सूर्य से 4,00,000 गुना बड़ा है. ब्रह्मांड में तैर रहे तारों के अवशेषों को भी धनु-ए निगलता जा रहा है यह जानकारी सामने आने के बाद यह बहस फिर छिड़ गई है कि क्या ब्लैक होल सौर मंडल को नए सिरे से बनाते हैं. ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के माउंट स्ट्रोम्लो ऑब्जरवेट्री के मिशेल बैनिस्टर कहती हैं, "आकाश गंगा का केंद्र एक अत्यंत ऊर्जा वाला स्थान है. बहुत कम दायरे म…