रविवार, 23 जनवरी 2011

कैसे हुआ ब्रह्माण्ड का निर्माण



photo : vigyanpragti

वैज्ञानिक स्टीफन हाकिंग्स का कहना है की ब्रह्माण्ड की संग्रचना के पीछे भौतिक के नियम है न कि कोई ईश्वरीय सरीखी कोई सर्व सक्ति इस पर विभिन्य वैज्ञानिकों धर्मगुरूओं या स्वयं ब्यक्ति कि भिन्य राय हो सकती है परन्तु इस सदी के महान इस वैज्ञानिक कि राय को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता यह बयान उनकी जल्दी ही प्रकाशित होने वाली पुस्तक ' द ग्रैंड डिजाईनर के आगमन से पहले आये है ब्रमांड का निर्माण बिग बैंक यानी महा विस्फोट से हुआ है इस अवधारणा के मुताबिक बिग बैंक १३.७ अरब साल पहले हुआ १९८८ में अपनी पुस्तक ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ़ टाइम में इन्होने ईश्वर को स्वीकार किया था ये लिखे थे कि यदि हम प्रकृति के बुनियादी नियमो को तलाश लेते है तो हमें ईश्वर के मस्तिष्क का पता चल सकता है ब्रमांड के निर्माण में जो सिधांत सबसे ज्यादा प्रचलित है वो है बिग बैंक का सिधांत इसके अनुसार १३.७ अरब साल पहले ब्रमांड एक छोटे बिंदु के रूप में था इसमे अचानक महा विस्फोट हुआ और ब्रमांड कि उत्पत्ति हुई तो द्रब्य और ऊर्जा का फैलाव हुआ द्रब्य और ऊर्जा के साथ- साथ स्पेश और टाइम का विस्तार आरम्भ हुआ महाविश्फोट के बाद शुरूआती छड़ो में ब्रमांड का तापमान बहूत ऊँचा था उस समय में गुरूत्वाकर्षण बल बिधुत चुम्बकीय बल , प्रबल बल , और कमजोर बल जिनसे ब्रमांड के सभी पिंड आपस में बधे रहते है उस समय एक थे ब्रमांड के उत्पत्ति के तीन मिनट बाद ही तापमान इतना घट गया कि प्रबल बल सक्रिय हो गया इस बल ने प्रोटानों और नयूट्रानो को बाँध कर नाभिको का निर्माण कर दिया इसके लगभग ५ लाख वर्ष बाद विधुत चुम्बकीय बल सक्रिय हुआ और इसने नाभिको और इलेक्ट्रानो को बाँध कर परमाणु का निर्माण कर दिया इसके बाद जब तारे ग्रह उपग्रह व दूसरे अकासीय पिंड आस्तित्व में आये तो गुरूत्वाकर्षणबल सक्रिय हो गया अब वैज्ञानिक प्रयोगों में इन्हें आपस में जोड़ने का प्रयास कर रहे है इस सिधांत को सिध्य करने के लिए बनाये गए लार्ज हैद्रान कोलाएजर का प्रयोग सफ़ल रहा है परमाणुओं को तोड़ने कि छमता रखने वाली इस मशीन ने दो प्रोटान परमाणु कि तरंगो को तीन गुना तेजी से आपस में टकराने में सफलता अर्जित कि है इससे आज से १३.७ अरब साल पहले का वह वातावरण तैयार हो गया जब पूरा ब्रह्माण्ड बना था अभी प्रयोग चल रहे है हो सकता है आने वाले समय में कुछ चौकाने वाले तथ्य प्राप्त हो जीवन एवम प्रकृति कि लडाई आगे आगे तक चलेगी हमें जीवन को बचा के रखना है