शुक्रवार, 24 दिसंबर 2010

सौर ऊर्जा से चीनी बनाने में सफलता

वैज्ञानिको ने सौर ऊर्जा से चीनी बनाने में सफलता प्राप्त की है सिनसिनाटी विश्वविद्यालय के शोधकर्ता के दल ने सौर ऊर्जा से चीनी बनाने की कोशिश में कृत्रिम फोटो सिंथेटिक के जरिये चीनी बनाने की थी उन्होंने पौधों मेढक फफूद एन्जाएम और बैक्टेरिया को एक फोम के खोल में बंद करके सूरज की रोशनी और कार्बन डाई आक्साइड की मौजूदगी से इस प्रक्रिया में सफलता पाई यह पूरी प्रक्रिया अर्ध विषुवतीय छेत्र के टुंगारा मेडक के फोम से बने घोसले पर आधारित थी इस प्रक्रिया में सूरज की पूरी रोसनी का इस्तमाल चीनी बनाने के लिए होता है जबकि पौधे और फफूद फोटो सिंथेटिक के दौरान प्रकाश का इस्तेमाल अन्य कामो के लिए भी करते है इससे बनाई गयी चीनी को बड़ी आसानी से इथेनाल और दूसरे बायो फ्यूल में बदला जा सकता है यह एक ईधन के छेत्र एक अहम् खोज है

शुक्रवार, 3 दिसंबर 2010

कैंसर रहित वातावरण देने वाले जीव की खोज

आस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने माएक्रोब्स के एक ऐसे समूह की खोज की है जो प्रदूषित वातावरण में मौजूद कैंसर के लिए जिम्मेदार पदार्थो को खाकर नष्ट कर देते है साऊथ आस्ट्रेलिया यूनिवर्सिटी के मेघमल्लावरापू ने पता लगाया मिट्टी में रहने वाला यह बैक्ट्रिया बीटेक्स नमक केमिकल को खाकर नष्ट कर देता है यह केमिकल मनुष्य में कैंसर तंत्रिका सम्बंधित और दूसरे प्रकार के बीमारियों से सम्बंधित है मल्लावारापू के अनुसार यह केमिकल पुराने सर्विश स्टेसन वर्कशाप के पास पाया जाता है यह रिपोर्ट वर्ल्ड इन्वायरमेंटल टाक्सिकोलोजी और केमिस्ट्री कांग्रेस में प्रस्तुत किया गया था

बुधवार, 17 नवंबर 2010

अमेरीकी वैज्ञानिको ने कृतिम फेफड़ा बनाया

अमेरिकी वैज्ञानिको ने कृतिम फेफड़ा बनाने का दावा किया है की उन्होंने इंसानी फेफड़ा बनाने की दिशा में प्रगति की है उनका दावा है कि उन्होंने प्रयोगशाला में विकसित कोसिकायो को चूहों के फेफड़े में कामयाबी से लगाकर नया फेफड़ा बनाने कि दिशा में अहम प्रगती कि है उन्होंने इंसानी फेफड़े कि तरह नजर आने वाली माइको चिप पर एक कृत्रिम उपकरण बनाकर इस दिशा में एक अहम प्रगती करने का दावा किया है येल यूनिवर्सिटी के शोध करताओ ने फेफड़े को बनाने में कामयाबी हासिल कि प्रयोगशाला में बिकसित कोसिकायो के इस्तेमाल से इन फेफड़े ने ४५ से १२० मिनट तक कार्य किया और फिर उन्हें चूहों में फिट कर दिया गया

मंगलवार, 19 अक्तूबर 2010

क्वांटम कम्प्युटर बनेगा भविष्य का कम्प्युटर

आगे भविष्य में कम्प्युटर के कार्य करने के तरीके बदल जायेंगे आने वाले भविष्य में आप के कम्प्यूटरों का स्थान क्वांटम कम्प्युटर ले लेगा जो चिप के स्थान पर द्रवों से भरा होगा यह भौतिक नियमो से संचालित नहीं होगा इसके आपरेसन के लिए क्वांटम यांत्रिकी का प्रयोग होगा अर्थात किसी बस्तु को एक स्थान से दूसरे स्थान पर विना स्थान परिवर्तन के पहुंचाना और समान्तर ब्रह्माण्ड जैसा सिधांत है यह कम्प्युटर पेंटियम -३ से १ अरब गुना ज्यादे तेजी से गड़ना करेगा और यह पलक झपकते पुरे इंटरनेट को खंगालने में सछम होगा यह कम्पूटर २०३० के आस पास आप के पास उपलब्द होगा यह सबसे एडवांस सिकोरिटी कोड को आसानी से तोड़ देगा इसके कम्पूटर चिपों के स्थान पर द्रव भरा होगा जिसमे उपस्थित परमाणु का प्रयोग गड़ना के लिए करेंगे परमाणु प्राकृतिक रूप से सूछ्म कल्कुलेटर है इसकी गति ऊपर नीचे होती है जो डिजिटल तकनीक से मेल खाती है क्वांटम यांत्रिकी के द्वारा सूछ्म अर्थात अणु परमाणु क्वार्ट इत्यादि के संसार को समझा जा सकता है इसके नियम इतने विचित्र है उनको समझना आसान नहीं है लेकिन इनके सिधांत को बार बार सिध्य किया गया है क्योकि किसी परमाणु का चक्रण एक ही समय में ऊपर या नीचे हो सकता है इसलिए पारंपरिक कम्पूटर के एक बिट के बराबर नहीं हो सकता है यह कुछ अलग है वैज्ञानिक इसे क्युबित कहते है यदि आप क्युबित के एक समूह को एक साथ रखे तो वे बर्तमान कम्पूटरों की तरह एक रेखीय गड़नाये नहीं करते वे एक समय सभी संभावितगड़ना करते है एक

बुधवार, 29 सितंबर 2010

बायो प्रिंटर से बनेगे इंसानी अंग

अमेरिकी वैज्ञानिको ने ऐसा बायो प्रिंटर बनाने का दावा किया है जो जरूरतों के मुताबिक इंसानी अंग बना पायेगा कैलिफोर्निया स्थित रीजेनेरेटिव मेडिसिन कंपनी ओरागानोव ने इसी तरह की एक प्रोटोटाईप मशीन बिकसित कर ली है जो खून की नलिया उगाने में कामयाब है इसी से वैज्ञानिक बिरादरी में उम्मीद जगी है की एक दिन वो नए अंग उगा सकेगे यह मशीन थ्री डी लेसर तकनीक पर आधारित है फिलहाल इसकी मदद से मशीनो के पार्ट बनाये जाते है लेकिन बायो प्रिंटर में प्लास्टिक और मेटल की जगह जीवित टिशु प्रयोग किये जायेंगे इसके लिए दो लेसर बेस्ड प्रिंटिग हेड जीते जागते सेल्स को जेल की पतली शीट पर रखेंगे जरूरत के हिसाब से बने ढाचे में एक के ऊपर एक परते बनाती जायेंगी इसके बाद सेल्स आपस में जुड़ जायेंगी

शनिवार, 7 अगस्त 2010

वैज्ञानिको ने आयु बड़ाने का तरीका प्राप्त किया

वैज्ञानिको ने आनुवंसिक गुणों के आधार पर ऐसा उपाय ढूढ़ निकाला है जिसकी मदद से न सिर्फ दिर्ग्यायु जीवन संभव है बल्कि कैंसर का खतरा भी पूरी तारा ख़त्म हो जाएगा मेड्रिड स्थित स्पेन के रास्ट्रीय कन्सर शोध केंद्र के वैज्ञानिकों का एक दल चूहों पर प्रयोग के बाद इस निष्कर्ष पर पंहुचा है शोध के दौरान वैज्ञानिको ने तेलोमेरास पी ५३ पी १६ नाम के जिन्श की अतिरिक्त प्रति चूहों के स्टेम सेल में डाल दी तीनो गईं लम्बी आयु और टयूमर की वृद्धि रोकने में महत्वपूर्ण माने जाते है वैज्ञानिको ने पाया की चूहों की आयु ४५फीसदी तक बढ गयी और वे टयूमर से मुक्त रहे असल में इन तीन जीनो की अतिरिक्त प्रती डालने से चूहों के शरीर में अधिक प्रोटीन बनाने लगा और वे अधिक सक्रीय हो गए इस वजह से क्रोमोजोम का सिकुरना बंद होगया यही वो प्रक्रिया है जो किसी जीव या आदमी की उम्र बड़ा देती है क्रोमोजोम के सिकुरने से ही आदमी बूढा होता है इस तरह से मनुष्य के ज्यादे दिनों तक जवान रहने की संभावना बड़ी है इससे आयु भी बढेगी और कैंसर पर भी रोक लगेगी

रविवार, 6 जून 2010

पुनः उग आएंगे छतिग्रस्त अंग

वैज्ञानिको ने मानव शरीर में मौजूद उस खाश जीन का पता लगा लिया है जिसे स्विच ऑफ़ करते ही हमारे छतिग्रस्त अंग नए सिरे से पैदा हो जायेगे अमेरिका के फिलाडेल्फिया स्थित विस्टार संस्थान के वैज्ञानिक की टीम ने पी २१ नामक जीन को तलाशा है यह जीन लाखो वर्षो के विकाश क्रम में स्विच ओंन हो गयी थी पी २१ नामक जीन कोशिकाओं के पुनर्जनम को रोके हुए है जब चूहों के सरीर में में इस जीन को निष्क्री किया गया तो उनके छातीग्रस्त उतक फिर पैदा हुए यह ब्लास्तेमा नाक एक संग्रचना के कारन संभव हुआ वैज्ञानिको ने ये भी बताया की पी२१ हटा देने पर मानव शरीर कोसिकायो में स्टेम सेल कोसिकायो का लगातार निर्माण किया जा सकता है

सोमवार, 17 मई 2010

चन्द्रमा पर ओक्सीजन का स्रोत मिला

हबल खौगोल दूरबीन के अत्याधुनिक कैमरे ने चन्द्रमा पर ऐरिस्तैराश ज्वालामुखी के मुहाने की क्लोजप तस्वीर उतारी है यह मुहाना ओक्सिजन हासिल किये जाने वाले खनिज का महत्त्व पूर्ण स्रोत हो सकता है ग्रीन वेल्ट स्थित नासा के गाडार्ड स्पेश फलाईट सेंटर के अनुसार अगस्त में पूर्ण चंद्रमा के दौरान ली गयी ये तस्वीरे बहुमूल्य सिद्य हो सकती है हब्बल ने अल्त्रवैलेट प्रकाश में तस्वीर उतारी है इन तस्वीरों से यह पता चला है की ओक्सिजन का स्रोत इलामेनाईट नाम का खनीज चन्द्रमा पर है विज्ञानियों के अनुसार विदमान लौह टिटेनियम और ओक्सिजन के समिसरण से इल्मेनिते का निर्माण हुआ है इससे भविष्य में चन्द्र अभियानों के लिए और वहा रिहाईश की सूरत में सांस लेने योग्य ओक्सिजन आसानी से हासिल किया जा सकता है यह खनिज बैसल्तिक चट्टानों में पाया जाता है इस चट्टान से ओक्सिजान हासिल करने की प्रक्रिया में पानी भी निकल सकता है

मंगलवार, 30 मार्च 2010

प्रकृतीक एंटी बायोटिक विटामीन डी

हाल में किये गए शोधों से यह सिध्य हो गया है की विटामीन डी मनुष्य के शरीर के लिए के लिए एक प्रकृतीक एंटी बायोटिक की तरह कार्य करता है इससे इस विटामीन के कई फायदे सामने आये हैं इससे  की शरीर प्रतिरोधक छमता बड़ती है  जिससे  ह्रदय रोग में बचाव तथा इन्प्लुन्सा बीमारियों से शरीर को बचाता है यहाँ तक दावा किया जा रहा है इससे टी बी एड्स जैसी बीमारियों की थीरेपी इसके एनालोग को प्रयोग किया जा सकता है वैज्ञानिको का यहाँ तक कहना है सही मात्र में विटामीन डी शरीर में नहीं  पहुँच रही  है  तो स्वाथ्य के लिए हानिकारक है |

बुधवार, 24 फ़रवरी 2010

जीवन का विकाश तथा मानव की विकाश यात्रा

जीवन की उतपत्ति के विषय में विभिन्य मत हैं जैसे सृस्तीवाद ब्रमांड वाद प्रलाय्वाद स्वतःजनान्वाद परन्तु सर्वाधिक मान्य है प्रकृतवाद या जीव रसायन उद्विकास मत इसके अनुसार जीवन की उत्पत्ती निर्जीव पदार्थो से हुयी है कड़ोरों वर्षों के अनेकानेक भौतिक रासायनिक प्रक्रियाएं चलती रही हैं पहले अकार्बनिक फिर कार्बनिक पदार्थों का निर्माण हुआ इन प्रक्रियायों में ऐसे पदार्थ जैसे न्युक्लियो प्रोटिन से वाईरस जो सजीव तथा निर्जीव के बीच की कड़ी है अस्तित्व में आया इसमे स्व द्विगुणन होने से सजीव कोसीकायों की उत्पति हुयी तथा लगभग १.५ अरब वर्ष पूर्व सुकेंद्री कोसीकायों की उत्पति हुयी इसकी पुष्टी करने के लिए स्टेनली मिलर तथा हैरल्ड युरे ने प्रयोग साला में मीथेन अमोनिया हईद्रोजन के गैसीय मिश्रण को ६०००० वोल्ट पर अमीनो अम्ल सरल सर्कराएँ तथा अन्य कार्बनिक पदार्थ बनाकर दिखाए इसके बाद एक कोसकीय जीव से बहुकोसकीय जीव तथा उसकेबाद मछली और सरीसृप वर्ग का विकाश हुआ इसके बाद लगभग २१ करोड़ वर्ष पुर्व प्रारम्भिक जोरासिक काल में सरीसृप से स्त्तनधारियो का विकाश हुआ इसके प्राइमेट गण में जैसे आदि कपि बानर लोतीस लीमर्स आदि का विकाश ६.५ करोड़ वर्ष पूर्व हुआ मानव का विकाश बंदरों से होते हुए चिपैंजी तक आया चिपैन्जीयो से सर्वप्रथम २२ लाख वर्ष प्रथम मानव मादा आर्डी आस्तित्व में आ यी यह झुक कर नहीं परन्तु सीधे चलती थी आर्डी के जन्म के १ लाख वर्ष के बाद पुरूष मानव का जन्म हुआ इसके बीच इनके यौन संबंद चिपैजीयों के साथ चलते रहे करीब १० लाख वर्ष पहले आधुनिक मानव का विकाश हुआ इसमे होमो हैबिलास होमो इरेक्ट या जावा मानव पेकिंग मानव हीदाल्वर्ग मानव इसके बाद आधुनिक मानव होमोसेपियंस का विकाश इसमे नियेंदाल्थल मानव क्रोमैगानन तथा आदुनिक मानव होमोसपियांस का विकाश हुआ नेयेंदार्थल मानव आज के मानव के सबसे निकटतम संबंधी माने जाते है ये यूरोप व एशिया के कुछ भागो में निवास करते थे आज से लगभग ३०००० वर्ष पूर्व ये लुप्त हो गए इनकी जीनी संग्रचना में ०.5%का अंतर मानव से है यह अंतर चिपैजी से 1 % है नेयेंदाल्थल मानव में दूध पचाने का जीन नहीं पाया जाता था वे चतुर आदुनिक मानव के सामने टिक नहीं पाए करीब ३००००० वर्ष तक ये दोनों साथसाथ रहे अब आगे भी मानव की विकास यात्रा जारी है अब मानव अपनी छमता बढाने के लिए कम्पूटरचिप का प्रयोग करना चाहता है इसकी मदद से मानव अपना मस्तिस्क विकसीत करना चाहता है एक विश्व प्रसिध्य वैज्ञानिक ने ये दावा किया है की शीघ्र ही ऐसी तकनीक आजायेगी मानव मशीन में तथा मशीन मानव में समाहीत हो जायेगी कही यह जीवन यात्रा होमोसेपियंस से होमो साइबर में तो नहीं बदलने जारही क्योकी डार्विन का सिधांत है की सर्विवल ऑफ़ दी फिटेस्ट यानी उसी का आस्तित्व रहेगा जो फिट है अतः हमें ज्ञान विज्ञानं को समझाना होगा

शनिवार, 20 फ़रवरी 2010

कैसी होगी हमारा अंतरिछ्य पर्यटन एवं कैसे रहेगे चाँद पर

अंतरिछ्य यात्राओं निजी अंतरिछ्य यानों के जरिए कई कम्पनियाँ अंतरिछ्य अभियानों से जुड़ने की कोसिस कर रही है स्पेश एडवेंचर नामक अंतरिछ्य पर्यटन कंपनी जो की विश्व के प्रथम अंतरिछ्य पर्यटक डेनिश टीटो को अंतरास्तीय स्पेश स्टेसन की सैर कराने के लिए जानी गयी यह पर्यटकों को अंतरिछ्य एवं चाँद पर ले जाने का मन बना चुकी है तथा रिचर्ड ब्राऊन की वर्जीन गैलेक्टिक ५०० यात्रियों कोप्रतिवर्ष ले जाने का मन बना रही है लेकीन इसमे खर्चा ४०० करोड़ रूपया या १०० मीलियन डालर आयेगा जो की काफी महँगा है यदि आने वाले वर्षों में स्पेश शटल जैसे अंतरिछ्य वाहन जिन्हें पुनः इस्तमाल में लाया जा सकता है आने वाले १५ से २० वर्षों में विकसीत कर लिए जायेंगे जो की काफी सस्ता होगा जैसे जैसे अंतरिछ्य में भीड़ बड़ती जायेगी विभिन्य ग्रहों पर आवास की जरूरत पड़ेगी अमेरिकी अंतरिछ्य एजेंसी नासा ने ऐसे लोगों से प्रार्थना पत्र लेना शुरू कर दिया है जो चाँद पर तथा अंतरिछ्य स्पेश स्टेसन पर रहकर कार्य करे अभी तक रूकने का यही मात्र जगह है आने वाले दिनों में बहूत सी कम्पनियाँ अंतरिछ्य में इस तरह के आवास स्थापित करने की योजना बना रही हैं होटल व्योसाय से जुड़े राबर्ट विगेलो के स्वमित्य वाला सन डांसर नामक अंतरिछ्या कच्छा में स्थापित होने की उम्मीद है इसके अलावा नाटिलस नामक दूसरा आवास इसके बाद बन कर तैयार होगा अंतरिछ्यमें उद्योगीक इकाइयां भी स्थापित होंगी हीलियम -३ को ऊर्जा के रूप में प्रयोग में लासकते हैं नासा आजकल स्पेश अवीलेटर (सीडी) बनाने की परियोजना पर कार्य कर रहा है जीसमे १००००० किमी लम्बे केबिल का प्रयोग होगा इस यन्त्र का पृथ्वी की तरफ वाला सिरा एक तैरने वाले प्लेटफार्म से जोड़ा होगा जो समुद्र के बीच में स्थित होगा जबकी दूसरा सिरा अंतरिछ्य में चक्कर लगाने वाली बस्तु से ज्वाइंट होगा भारत के चंद्रयान -१ से पता लगा है की चाँद पर पानी है इसके लिए नासा ने भी kahaa है चाँद पर रहने के लिए तकनीक का सहारा लेते हुए बेलनाकार आवास शैवाल तथा सुक्छ्म जीवों की विकसीत होने के लिए वातावरण तैयार करना होगा

मंगलवार, 16 फ़रवरी 2010

भविष्य के विज्ञानं एवं टेक्नालाजी में नैनो तकनीक

नैनो तकनीक का संबंद अत्यंत सूछ्म स्तर एक मीटर का अरबवा हिस्सा नैनो मीटर हाइड्रोजन के एक परमाणु के आकार के दश गुना होता है के स्तर पर तकनीक का निर्माण किया जाई इसके सहयोग से हम अगले पाच दसक में इसका प्रयोग करके अणुओं और परमाणुओं को जोड़कर इसी स्तर पर टेलीफोन कार हवाई जहाज मिजाइल अंतरिछ्यान कम्पूटर सभी कुछ मनचाहे पदार्थ द्वारा किसी भी आकार प्रकार में बना पाएंगे इसकी मदद से कैंसर एड्स मदुमेह और अन्य बिमारीयों पर विजय प्राप्त कर सकते है इसके द्वारा बीमारियों का प्रारम्भिक अवस्था में पता लगकरशीघ्र उपचार कर सकते हैं इसके माद्यम से क्रितीम अंग बनाये जा सकते हैं अब यह प्रश्न उठताहै की यह कैसे होगा किसी भी पदार्थ को परमाणुविक पैमाने नैनो स्केल पर नियंत्रित ढंग से जोड़ तोड़ कर अपने इच्छानुसार परावर्तित करने की विद्या का नाम है नैनो टेक्नालोजी है इसी के द्वारा नैनो असेम्बलार्स की रचना करके जो नैनो रेपलीकेटर का कार्य करें इच्छित बस्तु के परमाणुओं से बनाया जा सकता है परमाणुओं की प्रतिलिपी तैयार करके किसी भी इच्छित बस्तु को बनाया जा सकेगा क्योंकी सभी पदार्थ परमाणुओं से बने हैं यहाँ तक मानव शरीर भी लगभग चालीस साल पहले रिचर्ड्स फिन मेयन ने इस अवधारण का सुझाव दिया और १९७४ नारीयोतानी गुची ने इसका नामकरण किया १९९० में बी ऍम के अनुसन्धान करता एटोमिक फोर्ष माइक्रोस्कोपिक यन्त्र द्वारा जेनान तत्व के ३५ परमाणुओं को निकेल के क्रिस्ताल पर एक एक कर के ब्वास्थीत कर आई बी यम शब्द लिखने में सफलता पाई है नासा के वैज्ञानिकों ने १९९७ में सुपर कम्पूटर के द्वारा बेंजीन के अणुओं को कार्बन के परमाणुओं से बने किसी सामान्य अणु के आकारके अति सूछ्म नयनों टयूब के बाहरी सतह पर जौड़ कर आणविक आकार के यन्त्र निर्माण के मिथ्यभासी अनुरूपण का दावा किया है भविष्य में इसका उपयोग मैटर कम्पाइलर जैसे अति सूछ्म यन्त्र के निर्माण में हो सकता हैं इन मशीनो को कम्पूटर द्वारा प्रोग्राम करके प्राकृतिक गैस जैसे कचे माल के परमाणुओं को एक एक कर फिर से ब्यवस्थित कर किसी मशीन या उसके बड़े हिसे को निर्मित किया जासकता है इस तकनीक के shहेतु

शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2010

प्रयोगशाला में ब्लैक होल

ब्लैक होल से सारे वैज्ञानिक भयभीत रहते है क्योंकी इसे ब्रमांड का सबसे बड़ा हत्यारा कहते हैं इससे प्रकाश तक बाहर नहीं निकलता और यदि कोई प्रकाश किरण आसपास से गुजरे तो उसे भी यह अपने में जप्त कर लेता है अब प्रयोगशाला में एक ब्लैक होल का निर्माण किया गया है यह सिर्फ रोचक ही नहीं बल्की उपयोगी भी साबित हो सकता है इस साल की सुरूआत में पद्र्यु युनिवेर्सिटी के अवेजेनी नारिमनोव और किल्दिसेव ने ब्लैक होल का एक सैधांतिक डिजाईन प्रकाशित किया था परिकलपना यह थी की एक ऐसा यन्त्र बनाया जाय जो ब्रह्माण्ड ब्लैक होल के गुण को दरसाय इनका विचार था की एक ऐसा यंत्र बनाना संभव है जिसमे प्रकाश लगातार अन्दर की ओर मुड़ता जाय इस विचार पर काम करते हुए अब चीन के दो वैज्ञानिक ताई जून कुई और केयेंग चेन ने सचमुच में एक ऐसा उपकरण तैयार किया है यह उपकरण ६० क्रमिक रूप से छोटे छोटे छल्लों से बना है हर छल्ला एक सर्किट बोर्ड की तरह होता है जिसके गुड धर्म प्रतेक छल्ले में बदलता रहता है जब बाहर से आने वाली विदुत चुम्बकीय तरंगे इस उपकरण पर पहुचती है तो वे इसमें फस जाती हैं केन्दरीय भाग के ओर धकेले जाती हैं तथा सोख लिया जाता हैं और तरंग इससे बाहर नहीं निकल पाती प्रकाशीय तरंगों को कैद करने वाला यह उपकरण ऊर्जा उत्पादन में उपयोगी हो सकता है यह सूर्य ऊर्जा को कैद करके विधुत ऊर्जा में बदल सकता हैं

गुरुवार, 11 फ़रवरी 2010

आकाशीय पिंडों से बचाव की योजना

आकाशीय पिंडो से पृथ्वी को बचाने के लिए वैज्ञानिको ने एक सम्मलेन में विचार किया इस पर दो तरीके से बचाव किया जा सकता है पहेला की उलका पिंडो को विस्फोट कर के उड़ा दिया जाय परन्तु इससे जो टुकरे होंगे वो प्रथ्वी पर नुकसान पहुचासकते है दूसरा तरीका है एक विशालकाय ट्रक्टर जो बहूत बड़ा यान होगा से धका देकर उसका स्थान परिवातित करके दिसा का परिवर्तन कर दिया जाय इसके लिए नासा ने २०२० तक के उलका पिंडों को निपटने के लिए १०० अरब डालर का खर्च बताया है परन्तु इसके लिए नासा के पास धन की कमी है यह सही भी है की प्राकृतिक आपदा से कोई एक देश या संस्था नहीं निपट सकती इसके लिए समूहीक प्रयास करने होगे

आकाशीय पिंडो से महाविनाश का खतरा

अंतरग्रहीय सुरछा सम्मलेन में शामिल अन्त्रिछाविदों के सामने पृथ्वी के नजदीकी पिंडों को पहिचानने उनपर निगरानी रखने और उन्हें दूर हटाने की चुनौती सामने आयी इस सम्मलेन का आयोजन विनाशकारी अंतरिछ्य टक्करों के खतरों को कम करने अंतरास्त्रिय प्रयाश हुए नासा के नेतृत्व में आयोजीत सम्मलेन में संसार के अंतरिछ्य संगठनो ने भाग लिये यह खतरा उलका जैसे अकासीय पिंडों से है यदि बड़े आकर के उलका पिंड टकरा गए तो समूची मानव प्रजाती ही खतरे में पड़ सकती है साडे छे कड़ोड़ वर्ष पहीले धरती से डायनासोरो का नामोनिसान मिट गया सम्मलेन में अपोसिस नामक एक विशालकाय उलका पिंड पर विचार हुआ जो वर्ष २०२९ में के निकट से गुजरेगा तथा ७ वर्ष बाद यही पिंड पृथ्वी के निकट पहूंचेगा i

शनिवार, 6 फ़रवरी 2010

सौर ऊर्जा की आपूर्ति अब तरंगों द्वारा

सौर्य ऊर्जा को अब बिना तार के तरंगो के द्वारा एक जगह से दूसरी जगह भेजने में वैज्ञानिको को महत्पूर्ण सफलता मिली है यह कारनामा नासा के पूर्व वज्ञानिक जोंन सी माय्किंस ने कर दिखाया इस प्रयोग का उदेश्य उपग्रह के जरिये इकठ्ठा सूर्य ऊर्जा को धरती पर भेजना जो आगे चल कर उर्जा के जरूरतों को पूरा करने के दिशा में अहम् कदम साबित हो सकता है मैकिन्स अब उपग्रहों के जरिए इकट्टा सौर ऊर्जा को धरती में झील के आकार वाले रिसीवर तक भेजने के बारे में सोच रहे है इन्होने सोलर पावर को रेडियो तरंगो के जरिये हवाई के द्वीप से दूसरे दीप में सफलता पूर्वक ट्रांस्मीत करने में सफल हुए इन दो दीपो के बीच के दूरी १४८ किलोमीटर है मैकिन्स ने मई मेंअपने प्रयोग के द्योरान २० वाट सोलर पावर को एक दीप से दूसरे दीप भेजा हालांकी दूसरे दीप मेंस्थित रिसीवर इतना छोटा था की उसने भेजे गयी ऊर्जा का एक हजारवां हिस्षा ही रिसीव किया मैकिन्स ने इस प्रयोग को डिस्कवरी चैनल के लिए किया है इसी चैनल ने इस प्रयोग को करने के लिए धन उपलब्ध कराया था इसे पूरा करने में १० लाख डालर का खर्च आया प्रयोग में २० वाट के सोलर पावर को ट्रांस मीत करने के लिए नौ सोलर पैनल का प्रयोग किया लेकिन यु अस फेडरल अबिअसन एडमिनिस॒टेसन ने प्रति पैनल सिरफ दो वाट ट्रांस्मीत करने के मंजूरी दी बहूत कम पावर रिसीव करने के बावजूद मंकिक्स कहते है की जमीनी टेस्ट ने साबित कर दिया वातावरण के जरिये सोलर पावर को ट्रांस्मीत किया जा सकता है

रोबटिक हाथ का विकाश

वैज्ञानिकों ने एक ऐसे हाथ के निर्माण की सफलता पाई है जिसकी मदद से सोचने के बाद ऊंगलियों को मूव किया जासके और किसी चीज को छूने के बाद सम्बेदना महसूस होसके इसे बिकसित करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है विज्ञानं के छेत्र में यह पहली बार है की कोई मरीज अपने दिमाग का इस्तेमाल कर क्रितीम अंग को नियंत्रीत कर सकता है तथा कुछ जटिल गतिविधियों को अंजाम दे सके यह क्त्रितीम अंग मरीज के नर्वश सिस्टम से जुरा होता है वैज्ञानिकों ने एक कार अक्सीडेंट में कोहनी तक बायाँ हाथ गवां चुके एक मरीज में एलेक्ट्रोड़ इम्प्लांट किये उन्होंने आर्टिफिसियल हाथ को इस मरीज के इलेक्ट्रोड से जोड़ा उसकी बाह के बचे साथ इसे इम्प्लांट नहीं किया गया एक महीने के अन्दर यह रोबटिक हाथ मरीज के दीमाग के द्वारा दिए गए ९५ फीसदी आदेशो को मानने लगा

बुधवार, 3 फ़रवरी 2010

स्टेम सेल तकनीकी से उगाये दात

नई दिल्ली के भारतीय आयुर्विगान संसथान के डोक्टरों ने स्टेम सेल तकनीक से एक बच्चे की दात उगाने में सफलता पाई है एक दुरधटना के कारन बच्चे के दात को नोकसान पंहुचा था अस्पताल में भारती कराये जाने के बाद डा नसीम साह की अगुवाई में डाक्टरों ने उसके दात के जर में छोटा सा चीरा लगाकर स्टेम सेल तकनीक की मदद से नई कोसीकाए दाल दी डा साह के अनुसार डेंटल पल्प स्टेम सेल दात के जर में नई कोसीकाए पैदा करता है जो बाद में सखत होकर दात के रूप में उभर आती है

शनि के संबंद में

टाईटन का साऊथ पोलर अधिकतर जगह पर मीथेन से घिरा पाया गया है यह कुहासे के सतह को जन्म देता है टाईटन सौर्यमंडल में हमारी पृथ्वी के अलावा एक मात्र ऐसी जगह दीखती है जहा काफी मात्रा में तरल है मुख्या शोध करता माइक ब्रावून के मुताबिक ऐसा लगता है की पृथ्वी और सनी एक दुसरे की बिशेषता भी साझा करते है माईक कहते है कुहासे की मौजूदगी बताती है की सतह और वातावरण के बीच पदार्थों का आदान परदान होता है

शनि के सबसे बड़े चंद्रमा पर कुहासा मिला

पानी के बाद अब साईन्टिस्टों ने शनि के सबसे बड़े चंद्रमा टाईटन पार कुहासा पाया है कैलिफोर्निया इंस्टिट्यूट आफ तेकानालाजी के

बुधवार, 27 जनवरी 2010

पानी के भंडार वाले ग्रह की ख़ोज

वैगानिको ने पृथ्वी जैसे ग्रह की ख़ोज की है इस ग्रह को जीजे १२१४ बी नाम दिया गया है यह ग्रह पृथ्वी से बड़ा है और एक दूसरे सौर मंडल में मिला है सबसे खास बात यह है की इस ग्रह पर पानी का भंडार है यहाँ पानी भी थोडा नहीं बल्कि आधे से अधिक ग्रह पर पानी ही पानी मोजूद है यह ग्रह पृथ्वी से करीब ४२ प्रकास वरस करीब १३ लाख मील दूर है यह अपने सूर्य से बहूत करीब है इसके चलते इसकी सतह का तापमान २०० डिगरी सेलासियास है लेकिन इस सौर मंडल का सूर्य उतना गरम नहीं है जितना हमारे सौर मंडल का इस ग्रह का व्यास पृथ्वी से 2.7 गुना अधिक है यह ग्रह अपने सूर्या का चक्कर मात्र ३८ hours में पूरा कर लेता है जबकी यह ग्रह जिस कक्षा में परिक्रमा करता है उसकी लम्बाई एक वर्ष है इस ग्रह पर जीवन के समभावना नहीं है यहाँ तापमान ज्यादे है

मंगलवार, 26 जनवरी 2010

दिमाग से कमांड लेने वाला कम्पुटर

इनोवर तकनालाजी ट्रेड फेयर के दवोरान प्रदसित किये गए मेंटल टाईप राईटर के लिये कीबोर्ड मावुस की अवसकता नहीं है तकनीकी भासा में बर्लिन ब्रेन कम्पूटर इंटरफेस नामित यह कम्पूटर सीदे दिमाग से कमांड लेता है

सोमवार, 25 जनवरी 2010

camputar की खोज

हाल में प़मूख अमेरिकी कमपनी बी ऍम ने अनेको प्रोसेसर युक्त एक ऐसा तीव्र्व कम्पूटर बिकसीत किया है जो ब्रेन की तरह सोच

बुधवार, 6 जनवरी 2010

मंगल के बारे में

मंगल ग्रह पर जल और जीवन के तलास के परयासो के बीच वैज्ञानिको के एक दल ने यहाँ पर प्राचीन झीले ख़ोजने का दावा किया है उनका कहना है की इस ग्रह पर कभी झीले थी और उसमे कभी जीवन था यह जीवन सूछ्म जैविक अवस्था में था इस दल का नेत्रत्व भारतीय मूल के वैज्ञानिक संजीव गुप्ता कर रहे है वैज्ञानिको ने मार्स रिकोनैन्सेंस आर्बीटर से मिली तस्बीरो की फोरेंसिक जाच के बाद यह दावा किया सैतैलाईत के द्वारा खीचे गयी गयी तस्वीरों से पता चलता है मंगल की भूमध्य रेखा पर करीब २० किलोमीटर चौरी झील थी जो प्रथ्वी पर मौजूद

मंगलवार, 5 जनवरी 2010

१०० years जिलाने वाली जीन का पहिचान

अलबर्ट आइस्तींन कालेज आफ मेडीसीन के नेत्र्तव मेंएक अंतरासतीय टीम ने मनुस्य को १०० वरसो तक जिलाने वाली एक जीन की ख़ोज की है टीम ने पाया की जीन में टेलोमीरेज एन्जाईम की मौजूदगी से डीएनए की मात्रा कम होने से बचाता है

विज्ञानं का vikash

आक्सफोर्ड में टेक्नालाजी कन्र्फारेंस में प्रोफ्फेसर हेनरी अपनी परियोजना के बारे में बताया की २०१८ तक समझदार और सम्बेदंसील दिमाग क्रितीम रूप से तैयार कर लेगे एक ऐसा मस्तिस्क जो की सिलिकन सोना और ताबे का बना होगा

सोमवार, 4 जनवरी 2010

आदुनिक मानव के पूर्वज होमोसपेयांस को अपने विकाश काल में प्रकृति के प्रतिकूलता का सामना करना पड़ा उसे भोजन जुटाने तथा जलवावुगत परिवर्तनों से बचने के लिए कदा संगर्ष करना पड़ा उससे हिंसक पशु उसके जान के दुश्मन बने हुए थे किन्तु इन सबके बिरुद्ध परिस्तितियो का सामना आदि मानव ने बड़े साहस के साथ किया