Showing posts with label खगोलविदों ने सौर प्रणाली जैसी एक नई ग्रह प्रणाली खोजी. Show all posts
Showing posts with label खगोलविदों ने सौर प्रणाली जैसी एक नई ग्रह प्रणाली खोजी. Show all posts

खगोलविदों ने सौर प्रणाली जैसी एक नई ग्रह प्रणाली खोजी


खगोलविदों ने सौर प्रणाली जैसी एक नई ग्रह प्रणाली खोजी

तारिका प्रणाली एच.डी. जी.जे. 676ए , जो पृथ्वी से 16.4 पारसेक्स या 53.46 प्रकाश वर्ष दूर
और पढ़ें: http://hindi.ruvr.ru/2012_07_10/nai-sour-pranali/


तारिका प्रणाली एच.डी. जी.जे. 676ए, जो पृथ्वी से 16.4 पारसेक्स या 53.46 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है, देखने में हमारी सौर प्रणाली जैसी ही लगती है। इसमें पृथ्वी जैसे ग्रह एक तारे की परिक्रमा करते हैं और गैस के विशालकाय बादल इस तारे से बहुत दूर हैं।
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह हमारी ग्रह प्रणाली जैसी एक दुर्लभ सौर प्रणाली है जो वर्तमान में गायब हो रही है।
जर्मनी में गौटिंगेन विश्वविद्यालय के अंतर्गत एक खगोल भौतिकी संस्थान के शोधकर्ता डॉ. गिलेम आंगलाड एस्कुडेस के नेतृत्व में खगोलविदों के एक अंतर्राष्ट्रीय दल ने बोने लाल ग्रहों के बारे में विभिन्न दूरबीनों की मदद से प्राप्त जानकारियों का एक काफ़ी लंबे समय में विश्लेषण किया है।
 वैज्ञानिकों का कहना है कि पृथ्वी से अपेक्षाकृत कम दूरी पर स्थित अन्य प्रणालियों की भी खोज की गई है लेकिन वहाँ अभी तक पृथ्वी जैसे ग्रह दिखाई नहीं दिए हैं। अगर वहाँ पृथ्वी जैसे कई ग्रह मिल जाएंगे तो यह कहना संभव हो सकता है कि हमारी सौर प्रणाली जैसी कई अन्य प्रणालियाँ भी मौजूद हैं। इसका मतलब यह होगा कि एक तारे के चारों ओर कई ग्रहों द्वारा परिक्रमा करना एक आम बात है।

CELL AS A BASIC UNIT OF LIFE