Vigyan India.com (विज्ञान इंडिया डाट कॉम ): ब्रह्मांड

ब्रह्मांड

आज से14 वर्ष पूर्व ब्रह्मांड का कोई अस्तित्व नहीं था ब्रह्मांड एक छोटे से अधिक सघन बिंदुओं में सिमटा हुआ था अचानक एक जबरदस्त विस्फोट बिग बैंग हुआ और ब्रह्मांड अस्तित्व में आया महाविस्फोट के प्रारंभिक क्षणों में पदार्थ प्रकाश का मिलाजुला गर्म लावा तेजी से चारों तरफ बिखरने लगा कुछ ही क्षणों मेंब्रहमांड  व्यापक हो गया लगभग 400000 साल बाद पहले की गति धीरे-धीरे कुछ धीमी हुई ब्रह्मांड थोड़ा ठंड विरल हुआ और प्रकाश बिना पडार्थ से टकराये बेरोकटोक लंबी दूरी तय करने लगा और ब्रह्मांड प्रकाशमान होने लगा तब से आज तक ब्रह्मांड हजार गुना अधिक विस्तार ले चुका है ब्रह्मांड का आने वाला आने वाले समय में क्या भविष्य है सबसे महत्व प्रश्न है क्या अनंत ब्रम्हांड अनंत काल तक विस्तार लेता ही जाएगा साधांतिक दृष्टि से इस बारे में तीन तस्वीर उभरती हैं सुदूर में अदृश्य अदृश्य पदार्थ के विशिष्ट गुरुत्व बल भारी पड़ा और ब्रह्मांड के फैलने की गति धीमी हुई ब्रह्मांड के बढ़ते आकार में धीरे-धीरे पदार्थों की ताकत घटने लगी और अदृश्य ऊ र्जा रूपी विकार्षण शक्ति
अपना प्रभाव जमाने लगे फलत ब्रह्मांड की  फैलने कि दर  तेज हुई अगले सौ साल तक यदि यह दर  स्थिर भी रहे तो बहुत सी आकाशगंगाओं का अंतिम प्रकाश जी हम तक पहुंच नहीं पाएगा अदृश्य ऊर्जा का प्रमुख बढ़ने पर फैलने की दर तेज हुई होती हुई आकाशगंगाओं सौर परिवार ग्रहों हमारी पृथ्वी और इसी क्रम में अणुओं के नाभिक तक को नष्ट भ्रष्ट कर देगी इसके बाद क्या होगा इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है लेकिन यदि अदृश्य के पदार्थों का साम्राज्य स्थापित होता है यानी पदार्थ स घन  होकर
घुरतीव प्रभाव को और अधिक बलशाली बना देते तो दूर  स्थित आकाश गंगा भी  हमें आसानी से नजर आने लगेंगे यदि आदृश्य ऊ र्जा  ऋणात्माक हो  जाती है तो पहले धीरे-धीरे और तेजी से अपने आदिस्वरूप  के छोटे  से विन्दू मे  सिमाटने के लिए विवश होगा
निर्वात भौतकी य़ा शुन्यता  ब्रहमांड का भविष्य निश्चित करेगा  अमेरिकी ऊर्जा विभाग और नासा ने मिलकर अंतरिक्ष आधारित एक अति महत्वाकांक्षी योजना जॉइन डार्क एनर्जी मिशन का एक प्रस्ताव रखा है दशक में पूर्ण होने वाली इस परियोजना में 2 मीटर व्यास की एक अंतरिक्ष दूरबीन स्थापित की जानी है
Jagaran 

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