बुधवार, 3 मई 2017

फेसबुक ला रहा है नई तकनीक, दिमाग जो सोचेगा वही टाइप हो जाएगा

नई दिल्ली: फेसबुक इन दिनों एक नए तरीके की तकनीक पर काम कर रही है, जिसमें फेसबुक पर लिखने से आपको निजात मिल जाएगी. इस तकनीक में आप जो सोचेंगे वही टाइप होना शुरू हो जाएगा. फेसबुक इंक ने अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के पूर्व प्रमुख के नेतृत्व में चलाए गए गोपनीय प्रोजेक्ट से पर्दा हटाते हुए बताया कि कंपनी अब विचार व स्पर्श द्वारा संचार की दिशा में शोध कर रही है. 
हाल ही में लॉन्च बिल्डिंग-8 शोध तकनीक का इस्तेमाल करते हुए फेसबुक द्वारा ब्रेन सेंसिंग पर काम किया जा रहा है.
इसके तहत फेसबुक इस्तेमाल करने वालों को टाइपिंग के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी और वह दिमाग में जो सोचेगा वही टाइप हो जाएगा.
पेंटागन की डिफेंस एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट एजंसी (डीएआरपीए) के पूर्व निदेशक व फेसबुक की हेड ऑफ सीक्रेटिव बिल्डिंग-8 के उपाध्यक्ष रेजिना डुगन ने कंपनी के एफ-8 सम्मेलन में कहा कि हम बिल्डिंग-8 पर काम कर रहे हैं. 
उन्होंने कहा, 'भविष्य क्रांतिकारी तकनीकी से भरा हुआ है, जो बिना टाइपिंग के हमें लोगों से संवाद करने योग्य बनाएगी.'    
इस शोध पर फेसबुक में 60 लोगों की टीम काम कर रही है.
sabhar : zeenews.com 

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