देश के विज्ञान, सूचना-संचार प्रौद्योगिकी और वैज्ञानिक प्राक्कल्पना मंत्रालय ने यह बताया है|
कोरियाई अग्रणी विज्ञान और टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट में विकसित ये जीवाणु ग्लूकोज़ “खाते” हैं और बदले में देते हैं पेट्रोल| प्रयोगों के दौरान ऐसे जीवाणुओं वाले एक लीटर घोल से 580 मिलीग्राम ईंधन प्राप्त हुआ|
यह ईंधन आम पेट्रोल से थोड़ा भिन्न है तो भी इसका व्यापक उपयोग हो सकता है, सूचना में कहा गया है
और पढ़ें: http://hindi.ruvr.ru/news/2013_09_30/DKoriya-petrol-jivanu/