सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

दिमाग की तरंगों से फ्रांस भेजा संदेश


photo googal

मोबाइल या इंटरनेट को भूल जाइए, जल्द आप मस्तिष्क के जरिए दोस्तों और सहकर्मियों को संदेश भेज सकेंगे। वैज्ञानिकों ने तकनीक के क्षेत्र में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए मस्तिष्क से संदेश भेजने का सफल प्रयोग किया है।
इस प्रयोग में एक भारतीय व्यक्ति ने फ्रांस में मौजूद अपने साथी को मस्तिष्क की तरंगों के जरिए संदेश भेजा है। स्पेन के तीन और फ्रांस के एक वैज्ञानिक संस्थान के शोधकर्ता इस प्रयोग पर काम कर रहे हैं।
प्लस वन जर्नल में प्रकाशित शोध रिपोर्ट के मुताबिक यह प्रयोग मस्तिष्क तंरग संवेदी मशीन पर आधारित था। इससे पहले मस्तिष्क तंरगों से कंप्यूटर गेम खेलने और हेलीकॉप्टर को नियंत्रित करने जैसे प्रयोग हुए हैं, लेकिन पहली बार इसका इस्तेमाल दो मस्तिष्कों के बीच संदेश भेजने में किया गया।
ऐसे किया प्रयोगजब हम कुछ सोचते हैं, तो मस्तिष्क में मौजूद न्यूरॉन धीमी विद्युत तरंगों को जन्म देता है। इलेक्ट्रोएनसेफ्लोग्राफी (ईईजी) मशीन इन विद्युत तरंगों को रिकॉर्ड करने में सक्षम होती है। प्रयोग के दौरान भारतीय ने दो शब्द सोचे ‘होला’ और ‘सिआ’। होला फ्रेंच शब्द है, जिसका अर्थ है हैलो। वहीं स्पैनिश शब्द सिआ अभिवादन में इस्तेमाल होता है। ईईजी ने इसे रिकॉर्ड किया और एक कंप्यूटर ने अपनी बाइनरी भाषा में बदल दिया। यह संदेश इंरटनेट से रिसीवर के पास पहुंचा। रिसीवर के मस्तिष्क से जुड़ी मशीन ने संदेश को डिकोड कर दिया, जिससे वह इसे सफलतापूर्वक समझ सका।

sabhar : http://www.livehindustan.com/

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

vigyan ke naye samachar ke liye dekhe

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पहला मेंढक जो अंडे नहीं बच्चे देता है

वैज्ञानिकों को इंडोनेशियाई वर्षावन के अंदरूनी हिस्सों में एक ऐसा मेंढक मिला है जो अंडे देने के बजाय सीधे बच्चे को जन्म देता है.



एशिया में मेंढकों की एक खास प्रजाति 'लिम्नोनेक्टेस लार्वीपार्टस' की खोज कुछ दशक पहले इंडोनेशियाई रिसर्चर जोको इस्कांदर ने की थी. वैज्ञानिकों को लगता था कि यह मेंढक अंडों की जगह सीधे टैडपोल पैदा कर सकता है, लेकिन किसी ने भी इनमें प्रजनन की प्रक्रिया को देखा नहीं था. पहली बार रिसर्चरों को एक ऐसा मेंढक मिला है जिसमें मादा ने अंडे नहीं बल्कि सीधे टैडपोल को जन्म दिया. मेंढक के जीवन चक्र में सबसे पहले अंडों के निषेचित होने के बाद उससे टैडपोल निकलते हैं जो कि एक पूर्ण विकसित मेंढक बनने तक की प्रक्रिया में पहली अवस्था है. टैडपोल का शरीर अर्धविकसित दिखाई देता है. इसके सबूत तब मिले जब बर्कले की कैलिफोर्निया यूनीवर्सिटी के रिसर्चर जिम मैकग्वायर इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप के वर्षावन में मेंढकों के प्रजनन संबंधी व्यवहार पर रिसर्च कर रहे थे. इसी दौरान उन्हें यह खास मेंढक मिला जिसे पहले वह नर समझ रहे थे. गौर से देखने पर पता चला कि वह एक मादा मेंढक है, जिसके साथ कर…

वैज्ञानिकों ने विकसित किया इलेक्ट्रॉनिक पौधा, विज्ञान के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत

लंदन: वैज्ञानिकों ने पौधे के संवहन तंत्र में सर्किट लगाकर एक इलेक्ट्रॉनिक पौधे का निर्माण किया है। इससे विज्ञान के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत हो सकती है।

कैसे हुआ ब्रह्माण्ड का निर्माण

photo : vigyanpragti

वैज्ञानिक स्टीफन हाकिंग्स का कहना है की ब्रह्माण्ड की संग्रचना के पीछे भौतिक के नियम है न कि कोई ईश्वरीय सरीखी कोई सर्व सक्ति इस पर विभिन्य वैज्ञानिकों धर्मगुरूओं या स्वयं ब्यक्ति कि भिन्य राय हो सकती है परन्तु इस सदी के महान इस वैज्ञानिक कि राय को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता यह बयान उनकी जल्दी ही प्रकाशित होने वाली पुस्तक ' द ग्रैंड डिजाईनर के आगमन से पहले आये है ब्रमांड का निर्माण बिग बैंक यानी महा विस्फोट से हुआ है इस अवधारणा के मुताबिक बिग बैंक १३.७ अरब साल पहले हुआ १९८८ में अपनी पुस्तक ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ़ टाइम में इन्होने ईश्वर को स्वीकार किया था ये लिखे थे कि यदि हम प्रकृति के बुनियादी नियमो को तलाश लेते है तो हमें ईश्वर के मस्तिष्क का पता चल सकता है ब्रमांड के निर्माण में जो सिधांत सबसे ज्यादा प्रचलित है वो है बिग बैंक का सिधांत इसके अनुसार १३.७ अरब साल पहले ब्रमांड एक छोटे बिंदु के रूप में था इसमे अचानक महा विस्फोट हुआ और ब्रमांड कि उत्पत्ति हुई तो द्रब्य और ऊर्जा का फैलाव हुआ द्रब्य और ऊर्जा के साथ- साथ स्पे…