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गाय का गोबर उड़ाएगा एरोप्लेन



नई दिल्ली. सबसे तेज सफर कराने वाले हवाई जहाज में खूबियां कितनी हैं, यह हम जानते हैं लेकिन उसकी एक खामी से सभी परेशान रहते हैं. हवाई जहाज की कान फाड़ आवाज. लेकिन जल्द ही इस दिशा में राहत मिल सकती है. चेन्नई के तीन छात्र बहुत जल्द दुनिया की सबसे शांत एयरलाइन की नींव रख सकते हैं.
इसके अलावा एयरक्राफ्ट डिजाइनिंग प्रतियोगिता में गाय के गोबर से हवाई जहाज उड़ाने का आइडिया भी शॉर्टलिस्ट किया गया है. ऑस्ट्रेलिया के इंजीनियरिंग स्टूडेंट ने जो आइडिया सामने रखा है, उसके तहत मवेशियों के वेस्ट से निकलने वाली मीथेन गैस को जेट के ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा.
यह वेस्ट प्लेन के इंजन के पास रेफ्रिजरेटेड पॉड में स्टोर किया जाएगा. टीम का दावा है कि गोबर कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में 97 फीसदी की कमी कर सकता है.
दुनिया की प्रमुख एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी एयरबस के चार्ल्स चैम्पियन का कहना है कि इन इंजीनियरिंग स्टूडेंट ने जीरो प्रोपल्जन नॉइज के साथ भविष्य में हवाई जहाज बनाने की जो महत्वांकाक्षी योजना सामने रखी है, वह व्यावहारिक साबित हो सकती है और कंपनी आगे डेवलपमेंट के लिए इसे अहम आइडिया के रूप में ले रही है.
एसआरएम यूनिवर्सिटी, चेन्नई की इस टीम में बालकृष्‍णन सोनाराजू मुरली, माइकल थॉमस और अनिता मोहिल शामिल हैं. इस टीम ने फ्लाई योर आइडियाज प्रतियोगिता के फाइनल में जगह बनाई है. इस प्रतियोगिता में 30,000 यूरो पुरस्कार के लिए 82 मुल्कों की 618 टीमें मैदान में हैं.
भारतीय टीम ने शेप मेमोरी एलॉय जैसी सामग्री का इस्तेमाल कर जेट एग्जॉस्ट के आकार में बदलाव लाने और उससे हवाई जहाज की आवाज बेहद कम करने का आइडिया सामने रखा है, जिसे इंजन एयर कूलिंग सिस्टम फॉर नॉइज रिडक्‍शन करार दिया गया है. sabhar :http://www.palpalindia.com

टिप्पणियाँ

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